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May 13, 2026

Bhimashankar Temple-भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर की संपूर्ण जानकारी

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Bhimashankar Temple Pooja Cost

Table of Contents

Bhimashankar Temple in Pune-पुणे में स्थित भीमाशंकर मंदिर

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पुणे जिले में सह्याद्रि पर्वतमाला के बीच स्थित एक प्राचीन और पवित्र मंदिर है। यह भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है और श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है।

यह मंदिर घने जंगलों और प्राकृतिक सुंदरता से घिरा हुआ है। हाल के वर्षों में इस क्षेत्र का महत्व और बढ़ गया है, क्योंकि आसपास के इलाके को भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया है। इस कारण यहाँ धार्मिक आस्था के साथसाथ प्रकृति प्रेमी और ट्रैकिंग के शौकीन लोग भी बड़ी संख्या में आते हैं।

Location of Bhimashankar Temple- भीमाशंकर मंदिर का पता

भीमाशंकर मंदिर सह्याद्रि पर्वत की घाटी क्षेत्र में महाराष्ट्र राज्य के पुणे जिले से लगभग 125 किलोमीटर दूर भोरगिरी गाँव के पास स्थित है। यह स्थान प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व दोनों के लिए प्रसिद्ध है।

मान्यता है कि यहीं से भीमा नदी का उद्गम होता है। आगे चलकर यह नदी बहते हुए कृष्णा नदी में जाकर मिल जाती है, जिससे इस क्षेत्र का भौगोलिक और धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।

Bhimashankar Temple History in hindi- भीमाशंकर मंदिर का इतिहास

भीमाशंकर मंदिर प्राचीन वास्तुकला और शिल्पकला का सुंदर उदाहरण माना जाता है। मंदिर की संरचना में विश्वकर्मा शिल्पकारों की कला की झलक देखने को मिलती है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण लगभग 13वीं शताब्दी के आसपास किया गया था।

बाद में 18वीं शताब्दी में मराठा शासनकाल के प्रसिद्ध राजनेता नाना फडणवीस ने मंदिर में शिखर सहित कुछ महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण करवाया। इससे मंदिर का स्वरूप और अधिक भव्य हो गया।

ऐसी भी मान्यता है कि मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज ने भी यहाँ दान देकर पूजाव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दिया था, जिससे इस तीर्थ का धार्मिक महत्व और बढ़ गया।

Bhimashankar Temple Story- भीमाशंकर मंदिर की कहानी

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग से जुड़ी कई पौराणिक कथाएँ प्रचलित हैं, जिनमें से दो कथाएँ अधिक प्रसिद्ध मानी जाती हैं।

पहली कथा के अनुसार, त्रिपुरासुर नाम का एक शक्तिशाली राक्षस था जिसने भीमाशंकर क्षेत्र के जंगलों में भगवान शिव की कठोर तपस्या की। उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उसे वरदान दिया। वरदान प्राप्त करने के बाद त्रिपुरासुर अत्याचारी बन गया और देवताओं सहित सभी लोकों को परेशान करने लगा। इससे चिंतित होकर देवताओं ने भगवान शिव से सहायता की प्रार्थना की। तब भगवान शिव ने यहाँ प्रकट होकर त्रिपुरासुर से युद्ध किया और उसका वध कर दिया। मान्यता है कि इसी स्थान पर भगवान शिव ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए, जिसे आज भीमाशंकर के नाम से जाना जाता है।

दूसरी कथा के अनुसार, यहाँ भीमा नाम का एक असुर अपनी माता के साथ रहता था। जब उसे पता चला कि उसके पिता का वध भगवान राम के कारण हुआ था, तो उसने बदला लेने का संकल्प लिया। उसने कठोर तपस्या कर वरदान प्राप्त किया और अत्याचारी बन गया। भीमा ने भगवान शिव के भक्त कामरूपेश्वर को बंदी बना लिया और उनसे अपनी पूजा करने को कहा। जब भक्त ने इंकार किया, तो भीमा शिवलिंग को नष्ट करने के लिए आगे बढ़ा। उसी समय भगवान शिव प्रकट हुए और असुर का संहार कर दिया। जिस स्थान पर भगवान शिव प्रकट हुए, वहीं ज्योतिर्लिंग स्थापित हुआ, जिसे भीमाशंकर के नाम से पूजा जाता है।

Bhimashankar jyotirlinga temple timings- भीमाशंकर मंदिर की समय सारिणी

भीमाशंकर मंदिर के शिवलिंग के बारे में मान्यता है कि यह स्वयं प्रकट हुआ था, इसलिए इसे स्वयंभू लिंग कहा जाता है। यह शिवलिंग मंदिर के गर्भगृह के मध्य भाग में फर्श के स्तर पर स्थापित है। आकार में अपेक्षाकृत चौड़ा होने के कारण इसेमोटेश्वर महादेवके नाम से भी जाना जाता है।

मंदिर में सुबह से शाम तक श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं। प्रातःकाल में विशेष अभिषेक और पूजाअर्चना होती है, जबकि दिन भर सामान्य दर्शन चलते रहते हैं। महाशिवरात्रि, सावन और अन्य विशेष अवसरों पर मंदिर के खुलने का समय बढ़ाया जाता है और श्रद्धालुओं की संख्या भी अधिक रहती है।

Website of Bhimashankar Temple- भीमाशंकर मंदिर की वेबसाइट

भीमाशंकर मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन की सुविधा का लाभ भी ले सकते हैं। इसके लिए वेबसाइट पर जाकर साधारण जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन करना होता है। पंजीकरण के बाद आप ऑनलाइन आरती, पूजा और दर्शन के लिए बुकिंग कर सकते हैं।

इन सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होता है, जिसके बाद आपको तुरंत रसीद मिल जाती है। पूजा सम्पन्न होने के बाद लगभग 15 दिनों के भीतर प्रसाद आपके पते पर भेज दिया जाता है। यह सुविधा विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी है जो किसी कारणवश मंदिर तक नहीं पहुँच पाते।

वेबसाइट पर दर्शन, बुकिंग, पूजा और अन्य आवश्यक जानकारियाँ भी उपलब्ध रहती हैं। साथ ही, श्रद्धालु यहाँ दिए गए विकल्पों के माध्यम से अपने प्रश्नों के उत्तर भी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

Bhimashankar Temple Pooja cost- भीमाशंकर मंदिर में पूजा करने का खर्च

भिमाशंकर मंदिर अभिषेक की अलग अलग फीस है

अभिषेक : 151₹
रुद्राभिषेक : 351₹
पंचमरूठ स्नान रुद्राभिषेक : 551₹
एकादस रुद्राभिषेक : 1100₹
महापूजा+ पंचारुठ रुद्राभिषेक + ब्राह्मण भोजन : 2100₹
लघुरूद्र : 3100₹
लघुरूद्र+11 ब्राह्मण भोजन+भगवान नैवेदया : 5100₹

Bhimashankar temple opening time-

भिमाशंकर मंदिर में सुबह 4 बजे से रात को 9:30 बजे जाने की अनुमति है.
अभिषेक का समय: 5:30 AM से 12 PM
4:30am : काकड़ आरती
5:00am : निजरूप दर्शन
5:30am : सुबह की आरती
12:00 : नैवेदया पूजा( इस समय अभिषेक की अनुमति नहीं है)
12:30pm : समान्य आरती (अभिषेक की अनुमति)
3:30 pm : मध्य आरती (45 मिनट के दर्शन बंद)
4:30pm-9:00pm : श्रीगार (अभिषेक निषेद)
7:30pm : आरती

Bhimashankar Temple Steps- भीमाशंकर मंदिर की सीढिया

भीमाशंकर मंदिर तक पहुँचने के लिए लगभग 230 से अधिक सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। इन सीढ़ियों के दोनों ओर खानेपीने की वस्तुओं और पूजा सामग्री की छोटीछोटी अस्थायी दुकानें लगी रहती हैं, जहाँ से श्रद्धालु आवश्यक सामान खरीद सकते हैं।

जो लोग अधिक चल नहीं पाते, जैसे बुजुर्ग या कमजोर श्रद्धालु, उनके लिए पालकी की सुविधा भी उपलब्ध रहती है। यह व्यवस्था आमतौर पर नीचे बस स्टॉप के पास से मिल जाती है, जिससे वे आराम से मंदिर तक पहुँच सकते हैं।

Bhimashankar Temple Trek- भीमाशंकर मंदिर की चढ़ाई

भीमाशंकर मंदिर तक पहुँचने के लिए दो प्रमुख ट्रैकगणेश घाट और शिडी घाटप्रचलित हैं, जो काठेवाड़ी गाँव से शुरू होते हैं। इन रास्तों से पैदल यात्रा करते हुए मंदिर तक पहुँचने में लगभग 4 से 5 घंटे का समय लगता है। इनमें गणेश घाट का मार्ग शिडी घाट की तुलना में अपेक्षाकृत आसान माना जाता है।

यह ट्रैक पश्चिमी घाट के सबसे सुंदर ट्रेकिंग मार्गों में गिना जाता है। रास्ते में घने जंगल, पहाड़ी दृश्य और प्राकृतिक सुंदरता यात्रियों को आकर्षित करती है। भीमाशंकर क्षेत्र को वर्ष 1984 में वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था, जो लगभग 131 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यहाँ गिलहरी, हिरण, केकड़े, विभिन्न पक्षी और अन्य वन्यजीव भी देखने को मिलते हैं।

यह ट्रैक हर मौसम में सुंदर लगता है, लेकिन मानसून के दौरान हरियाली और बहते झरने इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। रास्ते में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों द्वारा छोटीछोटी दुकानें और झोपड़ियाँ बनाई गई हैं, जहाँ चूल्हे पर बना पारंपरिक भोजन मिलता है। यहाँ बैठकर प्रकृति के बीच देसी खाने का आनंद लिया जा सकता है। रास्ते में गणेश जी का एक मंदिर भी पड़ता है, जहाँ श्रद्धालु दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

How to Reach Bhimashanker Temple- भीमाशंकर मंदिर कैसे पहुंचे

By Air
bhimashankar temple Maharashtra पहुँचने के लिए सबसे करीबी पुणे एयरपोर्ट है जोकि 125km की दूरी पर है.

By Train
भिमाशंकर मंदिर से सबसे करीबी रेल्वे स्टेशन पुणे ही है जोकि 125km की दूरी पर है, पुणे, मुंबई और नासिक से सीधी भिमाशंकर के लिए ट्रेने उपलब्ध हैं.

By Road
पुणे से भीमाशंकर मंदिर जाने के लिए नेशनल हाईवे NH60 से होते हुए 2 रोड MH SH54 और MH SH 112 जाते हैं, भिमाशंकर मंदिर जाने के लिए सुबह 5:30 बजे से हर आधा घण्टे के नियमित अंतराल से शिवाजी बस स्टैंड से बसे मिल जाती हैं जोकि लगभग 3:30 घंटे में भीमाशंकर पहुँचा देती हैं.

इसके अलावा मुंबई से 240km की दूरी पर है और कल्याण और घाटकोपर से बस ली जा सकती है और नासिक से 215km दूरी पर है

Bhimashankar temple contact number- भीमाशंकर मंदिर का फोन नंबर

भिमाशंकर मंदिर में संपर्क के लिए पत्र, फोन और email कर सकते है.
पता: शिवतीर्था भीमशंकर, श्री छेत्र भिमाशंकर, दिम्बे कॉलोनी, तालुकाखेड जिला पुणे, महाराष्ट्र, पिनकोड
मोबाइल नंबर: 9970045972
ईमेल: ganesh@bhimashankar.in

Places to visit near bhimashankar temple- भीमाशंकर मंदिर के आसपास घूमने की जगह

भिमाशंकर शिवजी के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है ही इसके अलावा आप यहाँ प्रकृति को करीब से जान सकते है उनके नज़ारों का लुत्फ़ लेकर अपनी स्ट्रेस और टेंशन से भारी जिंदगी से कुछ देर का ब्रेक ले सकते हैं. आप यहाँ अन्य जगहों पर भी जा सकते हैं, जैसे की,

सह्याद्री रेंज: सह्याद्रि पर्वतमाला महाराष्ट्र की सबसे खूबसूरत पर्वत श्रृंखलाओं में से एक मानी जाती है। यहाँ फैली पहाड़ियों, घने जंगलों और घाटियों का प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करता है। इस पर्वतमाला की कई ऊँची चोटियों पर प्राचीन किले भी बने हुए हैं, जिनका ऐतिहासिक महत्व बहुत अधिक है।

इन किलों में से कई पर मराठा साम्राज्य के महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज ने विजय प्राप्त की थी। आज ये किले इतिहास, साहसिक पर्यटन और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए लोकप्रिय स्थान बन चुके हैं। सह्याद्रि क्षेत्र की यात्रा के दौरान आप इन ऐतिहासिक किलों को भी देख सकते हैं और प्रकृति के साथ इतिहास का अनुभव कर सकते हैं।

अंबिवाली गुफ़ाएँ : अंबिवाली गुफाएँ शहर से दूर शांत और प्राकृतिक वातावरण में स्थित प्राचीन गुफाएँ हैं। माना जाता है कि इनका संबंध भगवान बुद्ध के समय से है। ये गुफाएँ घने जंगलों से घिरी हुई हैं, जिससे यहाँ का वातावरण बेहद शांत और आध्यात्मिक महसूस होता है।

यहाँ आने पर प्राचीन काल की स्थापत्य शैली और इतिहास की झलक देखने को मिलती है। प्रकृति और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह स्थान खास आकर्षण का केंद्र है, जहाँ आप पुराने समय की अनुभूति कर सकते हैं।

भीमाशंकर वन्यजीव अभ्यारण्य : भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य एक बेहद सुंदर प्राकृतिक क्षेत्र है, जिसे वर्ष 1984 में अभयारण्य घोषित किया गया था। यह स्थान घने जंगलों, पहाड़ियों और झरनों के लिए प्रसिद्ध है, जो प्रकृति प्रेमियों को विशेष रूप से आकर्षित करता है।

यहाँ विभिन्न प्रकार के वन्यजीव, पक्षी और वनस्पतियाँ देखने को मिलती हैं। शांत वातावरण और हरियाली से भरपूर यह अभयारण्य ट्रेकिंग, प्रकृति भ्रमण और फोटोग्राफी के लिए भी उपयुक्त माना जाता है।

हनुमान ताल: हनुमान ताल एक विशाल और शांत जलाशय है, जो अपने सुंदर प्राकृतिक दृश्यों के लिए जाना जाता है। तालाब के आसपास हरियाली और मनमोहक नज़ारे देखने को मिलते हैं, जो यहाँ आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

यह स्थान घूमने, आराम करने और प्रकृति का आनंद लेने के लिए उपयुक्त माना जाता है। यहाँ बैठकर आप शांत वातावरण में कुछ समय बिता सकते हैं और आसपास के सुंदर दृश्य का आनंद उठा सकते हैं।

नागफनी

नागफनी भीमाशंकर क्षेत्र की सबसे ऊँची चोटियों में से एक मानी जाती है और ट्रैकिंग के लिए प्रसिद्ध है। इसे सह्याद्रि पर्वतमाला का एक लोकप्रिय व्यू पॉइंट भी माना जाता है, जहाँ से आसपास की घाटियाँ, पहाड़ और घने जंगलों का शानदार दृश्य देखने को मिलता है।

ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए यह स्थान खास आकर्षण का केंद्र है। यहाँ तक पहुँचने का रास्ता प्राकृतिक सुंदरता से भरा हुआ है, और चोटी पर पहुँचकर शांत वातावरण के साथ मनमोहक नज़ारों का आनंद लिया जा सकता है।

सोलंपडा डैम

सोलंपडा डैम एक सुंदर प्राकृतिक स्थल है, जो चारों ओर से पहाड़ों और हरियाली से घिरा हुआ है। यहाँ का शांत वातावरण और मनमोहक दृश्य पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

बरसात और सर्दियों के मौसम में इस जगह की खूबसूरती और बढ़ जाती है, जब आसपास की पहाड़ियाँ हरीभरी दिखाई देती हैं। यह स्थान घूमने, फोटोग्राफी करने और प्रकृति के बीच समय बिताने के लिए उपयुक्त माना जाता है।

Best Time To Visit Bhimashankar Temple- भीमाशंकर मंदिर घूमने का उचित समय

भीमाशंकर मंदिर की यात्रा पूरे वर्ष की जा सकती है, लेकिन सर्दी और बारिश का मौसम सबसे अच्छा माना जाता है। मानसून के दौरान यहाँ हरियाली, झरने और ट्रैकिंग का अलग ही अनुभव मिलता है। इस समय विभिन्न प्रकार के पक्षी भी देखने को मिलते हैं और तापमान सामान्यतः 20°C से 30°C के बीच रहता है। हालांकि, बारिश में रास्ते गीले होने के कारण फिसलन का ध्यान रखना जरूरी होता है।

सर्दियों के मौसम में भी यहाँ का नज़ारा बेहद सुहावना रहता है। इस दौरान जंगल के कई वन्यजीव देखने को मिल सकते हैं और ट्रैकिंग करना भी अपेक्षाकृत आसान होता है। सर्दियों में तापमान लगभग 10°C से 20°C के बीच रहता है, जो घूमने के लिए अनुकूल माना जाता है।

गर्मी के मौसम में यहाँ तापमान 25°C से 37°C तक पहुँच सकता है, जिससे उमस और गर्मी के कारण ट्रैकिंग करना थोड़ा कठिन हो जाता है। फिर भी, सुबह और शाम के समय ट्रैकिंग और घूमने का आनंद लिया जा सकता है।

Dharamshala's Near Bhimashankar Temple- भीमाशंकर मंदिर के पास स्थित धर्मशालाए

भीमाशंकर मंदिर के आसपास कम बजट में रुकने के लिए कई धर्मशालाएँ और गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं, जहाँ घर जैसी सुविधाएँ मिल जाती हैं। यहाँ दो बेड वाले कमरे, भोजन और नाश्ते की व्यवस्था, गर्म पानी तथा पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाएँ आसानी से मिलती हैं।

मंदिर के पास स्थित कुछ लोकप्रिय ठहरने के विकल्पों में श्रद्धा गेस्ट हाउस, शिव अमृत अतिथि गृह और अन्य स्थानीय धर्मशालाएँ शामिल हैं। ये ठहरने की जगहें आमतौर पर मंदिर से लगभग 5 से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, जिससे श्रद्धालुओं को आनेजाने में सुविधा रहती है।

Hotels Near Bhimashankar Temple- भीमाशंकर मंदिर के पास स्थित होटल्स

अगर आपका बजट थोड़ा अधिक है, तो भीमाशंकर मंदिर के आसपास कई अच्छे होटल और रिसॉर्ट भी उपलब्ध हैं। ये होटल आरामदायक कमरे, बेहतर भोजन व्यवस्था और अन्य आधुनिक सुविधाएँ प्रदान करते हैं।

यहाँ रुकने के लिए रत्नवा रिसॉर्ट, ब्लू मॉर्मन और होटल शिवामृत जैसे विकल्प मिल जाते हैं। इन स्थानों पर ठहरने के साथसाथ पार्किंग, टैक्सी व्यवस्था और कुछ जगहों पर स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध रहती हैं, जिससे आपकी यात्रा और अधिक सुविधाजनक हो जाती है।

Bhimashankar Temple FAQs-

Q:   Pune to bhimashankar temple distance

Ans:  पुणे से भीमाशंकर मंदिर की दूरी लगभग 127km है.

Q:  How to reach bhimashankar temple from mumbai

Ans:   मुंबई से भीमाशंकर मंदिर ट्रेन, बस और टैक्सी से जा सकते हैं.

Q: Bhimashankar temple nearest railway station

Ans:   पुणे रेल्वे स्टेशन भीमाशंकर मंदिर से सबसे करीबी रेल्वे स्टेशन है.

Q: Pune to bhimashankar temple cab fare

Ans:   पुणे से भीमाशंकर मंदिर के लिए टैक्सी का किराया 11₹/km है.

Q: Hotels near bhimashankar temple pune

Ans:   Aquaforest hotel, Hotel shivtirth, Hotel vaishnavdham pokhakar, santosh Hotel, forest guest house and many more.

Q: Resorts near bhimashankar temple

Ans:   Elite Forest Retreat Hotel & Resort, Ratwa Resort, Blue Mormon Jungle Holiday Resort, Sahyadri Hills Resort, Neelam Hills Resort.

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