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April 17, 2026

नैना देवी मंदिर (Naina Devi Temple)

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नैना देवी मंदिर दर्शन समय ( Naina devi darshan timing )

माता नैना देवी मंदिर हिंदुओं के प्रमुख और पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। यह मंदिर शिवालिक पर्वतमाला की ऊँची पहाड़ियों पर स्थित है, जहाँ से आसपास का प्राकृतिक दृश्य अत्यंत मनमोहक दिखाई देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नैना देवी मंदिर 51 शक्तिपीठों में शामिल है और श्रद्धालुओं के बीच इसकी विशेष आस्था है।

पुराणों के अनुसार, जिस स्थान पर आज नैना देवी मंदिर स्थित है, वहीं माता सती के नेत्र गिरे थे। इसी कारण इस स्थान का नाम नैना देवी पड़ा और यहाँ देवी के इस पवित्र स्वरूप की पूजा की जाने लगी। तभी से यह मंदिर भक्तों के लिए श्रद्धा, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

नैना देवी मंदिर लोकेशन ( Naina devi mandir location )

नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में शिवालिक पर्वतमाला की पहाड़ियों पर स्थित है। ऊँचाई पर बने इस पवित्र मंदिर तक पहुँचने के दौरान श्रद्धालुओं को सुंदर प्राकृतिक दृश्य देखने को मिलते हैं। यह स्थान धार्मिक महत्व के साथसाथ अपनी शांत वातावरण और मनोहारी पहाड़ी वादियों के कारण भी भक्तों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

नैना देवी मंदिर इतिहास ( Naina devi mandir history )

नैना देवी मंदिर का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ माना जाता है, जिसका उल्लेख कुषाण काल के समय से मिलता है। यह स्थान लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है।

कहा जाता है कि वर्ष 1842 में माता के परम भक्त मोती राम शाह ने यहाँ सबसे पहले मंदिर की स्थापना करवाई थी। समय के साथ मंदिर का महत्व बढ़ता गया और बाद में वर्ष 1883 में इसका पुनर्निर्माण कराया गया। इसके बाद से यह मंदिर लगातार श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होता रहा है।

नैना देवी मंदिर की वास्तुकला ( Naina devi temple architecture )

नैना देवी मंदिर भव्य और पारंपरिक पहाड़ी शैली में निर्मित है, जो श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही एक प्राचीन पीपल का वृक्ष दिखाई देता है, जिसके बारे में मान्यता है कि यह कई वर्षों से यहाँ स्थित है और मंदिर की रक्षा करता है।

मंदिर के गर्भगृह में दो पवित्र नेत्र स्थापित हैं, जो माता नैना देवी का प्रतीक माने जाते हैं। श्रद्धालु इन्हीं नेत्रों के दर्शन कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इसके अलावा मंदिर परिसर में भगवान हनुमान, माता काली, भगवान गणेश तथा माता की सवारी शेर की मूर्तियाँ भी स्थापित हैं, जो मंदिर की धार्मिक महत्ता को और बढ़ाती हैं।

मंदिर की संरचना सरल होने के साथसाथ आध्यात्मिक वातावरण से भरपूर है, जहाँ श्रद्धालु शांतिपूर्वक दर्शन और पूजाअर्चना कर सकते हैं।

नैना देवी मंदिर कथा ( Naina devi temple story )

पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में राजा दक्ष ने एक विशाल यज्ञ का आयोजन किया, लेकिन उन्होंने भगवान शिव और माता सती को आमंत्रित नहीं किया। इसके बावजूद माता सती अपने पिता के यज्ञ में बिना बुलाए ही पहुँच गईं। वहाँ पहुँचने पर उन्हें भगवान शिव के प्रति अपमानजनक व्यवहार देखने को मिला, जिसे माता सती सहन नहीं कर पाईं और उन्होंने यज्ञ के हवन कुंड में स्वयं को आहुति के रूप में समर्पित कर दिया।

इस घटना से भगवान शिव अत्यंत क्रोधित और व्यथित हो गए। उन्होंने माता सती के शरीर को गोद में उठाया और पूरे ब्रह्मांड में तांडव करने लगे। उनके इस रौद्र रूप से सृष्टि में भय और अशांति फैलने लगी। तब भगवान विष्णु ने स्थिति को शांत करने के लिए अपना सुदर्शन चक्र चलाया और माता सती के शरीर को कई भागों में विभाजित कर दिया।

माता सती के शरीर के ये अंग पृथ्वी के विभिन्न स्थानों पर गिरे, जो आगे चलकर शक्तिपीठ के रूप में पूजित हुए। मान्यता है कि जिस स्थान पर माता सती के नेत्र गिरे, वही स्थान आज नैना देवी के नाम से प्रसिद्ध है और श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पवित्र तीर्थ माना जाता है।

नैना देवी मंदिर दर्शन समय ( Naina devi darshan timing )

मंगल आरतीसुबह 7 बजे

 संध्या आरतीशाम 7 बजे

आप नैना देवी मंदिर में दर्शन के लिए सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक किसी भी समय जा सकते है।

नैना देवी रोप वे (Naina devi ropeway )

नैना देवी मंदिर शिवालिक की पहाड़ियों पर ऊँचाई पर स्थित है, इसलिए कई श्रद्धालुओं के लिए पैदल चढ़ाई करना कठिन हो सकता है। इसी सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर तक पहुँचने के लिए रोपवे की व्यवस्था की गई है। रोपवे की मदद से श्रद्धालु कुछ ही मिनटों में आराम से मंदिर तक पहुँच सकते हैं और रास्ते में पहाड़ियों के सुंदर दृश्य भी देख सकते हैं।

रोपवे का किराया:

  • एक तरफ का किराया: ₹130 प्रति व्यक्ति
  • दोनों तरफ का किराया: ₹190 प्रति व्यक्ति
  • बच्चों के लिए एक तरफ का किराया: ₹60
  • बच्चों के लिए दोनों तरफ का किराया: ₹90

रोपवे की प्रत्येक केबिन में एक बार में लगभग 6 लोगों को ले जाने की सुविधा उपलब्ध है, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से मंदिर तक पहुँच सकते हैं।

नैना देवी जाने का उत्तम समय ( Best Time to visit Naina devi temple )

आप साल भर में किसी भी समय नैना देवी मंदिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। हालांकि, अगस्त और सितंबर का महीना यहाँ जाने के लिए विशेष रूप से अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस दौरान हिमाचल प्रदेश का मौसम सुहावना रहता है और आसपास की पहाड़ियाँ हरियाली से भर जाती हैं।

इसके अलावा, नवरात्रि के दिनों में भी नैना देवी मंदिर का विशेष महत्व होता है। इस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुँचते हैं और मंदिर परिसर में धार्मिक उत्सव का माहौल बना रहता है।

नंदा अष्टमी के अवसर पर भी यहाँ विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। इस दिन ब्रह्म कमल से माता नैना देवी की विशेष आराधना की जाती है, जिसे देखने और इसमें शामिल होने के लिए दूरदूर से भक्त आते हैं।

नैना देवी के पास घूमने के लिए अन्य स्थान (Places to visit near Naina devi )

  • गुरुद्वारा किला आनंदगढ़ साहिब

यदि आप शांत और पवित्र वातावरण वाले स्थान की तलाश में हैं, तो गुरुद्वारा किला आनंदगढ़ साहिब अवश्य जाएँ। यह स्थल भक्ति, सेवा और एकता का प्रतीक माना जाता है। यहाँ का शांत माहौल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है और बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए आते हैं।

समय: सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक
एंट्री फीस: निःशुल्क

  • गोविन्द सागर जलाशय

गोविन्द सागर जलाशय एक मानव निर्मित झील है। यहाँ का दृश्य मन को मोह लेता है। यदि आप बिलासपुर आये तो यहाँ अवश्य आये।

इसका निर्माण सतलुज नदी पर हुआ है। 

 समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक

एंट्री फी निशुल्क

  • लक्ष्मी नारायण मंदिर

बिलासपुर में स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर माता लक्ष्मी और विष्णु भगवान् को समर्पित है।  लक्ष्मी नारायण मंदिर का निर्माण शिखर शैली वास्तुकला में हुआ है। यह वास्तु कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

समय सुबह 6 बजे से शाम 7  बजे तक

एंट्री फी निशुल्क

  • व्यास गुफा

व्यास गुफा सतलुज नदी के किनारे स्थित है। यह वह स्थान है जहा ऋषि व्यास ने तपश्या की थी। यह गुफा करीब 610 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

समय सुबह 7 से शाम 7  बजे तक

एंट्री फी निशुल्क

  • सिटी शॉपिंग

यदि आप नैना देवी आये तो यहाँ अवश्य आये। यहाँ पर आपको सभी प्रकार की चीज़े खरीद दारी करने के लिए मिल जाएगी। यहाँ से आप कपडे , हाथ बनी हुई चीज़े , मुर्तिया आदि खरीद सकते है।

समय दिन में कभी भी

एंट्री फी निशुल्क

कैसे पहुंचे नैना देवी (How to reach Naina Devi )

नैना देवी पहुंचने के लिए आप फ्लाइट , रेल या बस किसी का भी उपयोग कर सकते है।

फ्लाइट द्वाराचंडीगढ़ एयरपोर्ट से नैना देवी की दूरी 100 किलो मीटर। चंडीगढ़ एयरपोर्ट से आप कैब या टैक्सी कर के नैना देवी पहुंच सकते है। 

रेल द्वारा काठगोदाम रेलवे स्टेशन से नैना देवी की दूरी 35 किलो मीटर है। काठगोदाम रेलवे स्टेशन से आप कैब या ऑटो कर के नैना देवी पहुंच सकते है।  

बस द्वारा आप हिमाचल प्रदेश की सिटी बस का उपयोग करके आसानी से नैना देवी पहुंच सकते है। बिलासपुर बस स्टैंड से नैना देवी की दूरी करीब 3 किलोमीटर।

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