Baidhnath Temple: जानिये बैधनाथ धाम के बारे में जहाँ भगवान् शिव साक्षात विराजमान है
Piyush Kumar April 1, 2026 0
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ToggleBaijnath Temple Deoghar-बैद्यनाथ धाम की सम्पूर्ण जानकारी
बैद्यनाथ धाम भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख स्थान रखता है। ‘बैद्यनाथ’ भगवान शिव का ही एक नाम है, और इस मंदिर में वे स्वयं ज्योतिर्लिंग रूप में विराजमान माने जाते हैं। श्रद्धालुओं के अनुसार यह एक सिद्ध पीठ है, जहाँ दर्शन करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। इसी कारण यहाँ स्थापित शिवलिंग को ‘कामना लिंग’ भी कहा जाता है।
इस ज्योतिर्लिंग की विशेषता यह है कि यहाँ भगवान शिव के साथ माता पार्वती की भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि माता सती के अंग–भंग के समय उनका हृदय इसी स्थान पर गिरा था, इसलिए इसे ‘हृदय पीठ’ के नाम से भी जाना जाता है।
बैधनाथ मंदिर कहाँ स्थित है-Baidhnath Temple Location
बाबा बैद्यनाथ मंदिर भारत के झारखंड राज्य के देवघर जिले में स्थित है। यह पवित्र धाम देवघर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है और देश–भर से श्रद्धालु यहाँ भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं।
यह स्थान ‘बैद्यनाथ धाम’ या ‘बाबा धाम’ के नाम से भी प्रसिद्ध है और सावन महीने में यहाँ विशेष रूप से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है।
बैधनाथ धाम कथा-Baidhnath Dham Story
पुराणों के अनुसार, लंका के राजा रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए हिमालय में कठोर तपस्या की। कहा जाता है कि उसने एक–एक करके अपने सिर भगवान शिव को अर्पित करने शुरू कर दिए। जब रावण नौ सिर समर्पित कर चुका और दसवाँ सिर अर्पित करने लगा, तभी भगवान शिव उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर प्रकट हो गए। उन्होंने रावण को वरदान मांगने के लिए कहा।
रावण ने इच्छा व्यक्त की कि भगवान शिव उसके साथ लंका चलें और वहाँ शिवलिंग रूप में स्थापित हों। भगवान शिव ने उसकी प्रार्थना स्वीकार कर ली, लेकिन एक शर्त रखी—रास्ते में यदि शिवलिंग को कहीं भी धरती पर रखा गया, तो वह वहीं स्थिर हो जाएगा और फिर उसे उठाया नहीं जा सकेगा। रावण ने यह शर्त मान ली और शिवलिंग लेकर लंका की ओर चल पड़ा।
यात्रा के दौरान रास्ते में रावण को लघुशंका की आवश्यकता हुई। वह शिवलिंग किसी को थमाने के लिए व्यक्ति की तलाश करने लगा। उसी समय भगवान विष्णु ने एक साधारण ब्राह्मण का रूप धारण किया। रावण ने जल्दी में शिवलिंग उन्हें थमा दिया और लौटने तक उसे पकड़कर रखने को कहा। कुछ समय बाद विष्णु जी ने शिवलिंग को भूमि पर रख दिया।
जब रावण वापस आया, तो उसने शिवलिंग उठाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन वह उसे हिला भी नहीं सका। बाद में देवताओं ने वहाँ आकर विधिपूर्वक पूजा की और शिवलिंग की स्थापना की। मान्यता है कि यही स्थान आगे चलकर बैद्यनाथ धाम के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
बैधनाथ मंदिर दर्शन समय-Baidhnath Dham Darshan Timing
सुबह : 4 बजे से 4 :30 तक
शाम : 6 बजे से 9 बजे तक
मंगला आरती : सुबह 4 बजे
दोपहर भोग आरती : दोपहर 12 बजे
संध्या आरती : शाम 7 बजे
बैधनाथ मंदिर लाइव दर्शन बुकिंग-Baidhnath Dham Mandir live darshan booking
बैद्यनाथ मंदिर में कोरोना काल के बाद से दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू की गई है। श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ई–पास (E-Pass) प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए वेबसाइट के ‘दर्शन’ सेक्शन में जाकर आवश्यक जानकारी भरनी होती है।
जानकारी भरने और शुल्क का भुगतान करने के बाद आपका ई–पास जनरेट हो जाता है, जिसे डाउनलोड या प्रिंट करके मंदिर में प्रवेश के समय दिखाया जा सकता है। इससे दर्शन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक हो जाती है।
बैधनाथ मंदिर ऑफिसियल वेबसाइट (Baidhnath mandir official website):- www.babadham.org
बैधनाथ मंदिर कॉन्टैक्ट नंबर (Baidhnath mandir contact number)
09430322655
बैधनाथ धाम के पास घूमने लायक अन्य स्थान-Places to Visit Near Baidnath Temple
बैजू मंदिर (Baiju Temple)
बैजू मंदिर बाबा बैद्यनाथ मंदिर से पश्चिम दिशा में देवघर के मुख्य बाजार क्षेत्र में स्थित है। यहाँ तीन छोटे–छोटे मंदिर बने हुए हैं, जिनमें भगवान शिव के अलग–अलग स्वरूप स्थापित हैं। इन तीनों मंदिरों को सामूहिक रूप से बैजू मंदिर कहा जाता है।
मान्यता है कि बाबा बैद्यनाथ धाम के दर्शन के साथ बैजू मंदिर जाना भी शुभ माना जाता है। इसलिए देवघर आने वाले श्रद्धालु मुख्य मंदिर के दर्शन के बाद यहाँ भी अवश्य जाते हैं।
वासुकीनाथ मंदिर (Vasukinath Temple)
वासुकीनाथ मंदिर देवघर से लगभग 42 किलोमीटर दूर झारखंड के झरमुंडी क्षेत्र में स्थित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, बाबा बैद्यनाथ धाम के दर्शन करने के बाद वासुकीनाथ मंदिर के दर्शन करना भी आवश्यक माना जाता है। कहा जाता है कि बैद्यनाथ के बाद यहाँ दर्शन किए बिना यात्रा पूर्ण नहीं मानी जाती।
इसी कारण श्रद्धालु देवघर आने पर समय निकालकर वासुकीनाथ मंदिर भी अवश्य जाते हैं और भगवान शिव की पूजा–अर्चना कर अपनी यात्रा को पूर्ण करते हैं।
त्रिकूट पर्वत (Trikut parvat)
त्रिकूट पर्वत बैद्यनाथ धाम से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक प्रसिद्ध पर्यटन और धार्मिक स्थल है। यहाँ त्रिकूटेश्वर मंदिर और ऋषि दयानंद आश्रम के दर्शन किए जा सकते हैं। प्राकृतिक सुंदरता से घिरा यह स्थान श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों को आकर्षित करता है।
यहाँ आने वाले लोग ट्रैकिंग, रोपवे की सवारी और पहाड़ी क्षेत्र के मनोरम दृश्यों का आनंद भी ले सकते हैं, जिससे यह जगह घूमने के लिए और भी खास बन जाती है।
नौलखा मंदिर (Naulakha Temple)
नौलखा मंदिर भगवान कृष्ण और राधा को समर्पित एक सुंदर धार्मिक स्थल है। यह मंदिर बैद्यनाथ धाम के निकट स्थित है और अपनी शांत वातावरण तथा आकर्षक वास्तुकला के लिए जाना जाता है। श्रद्धालु यहाँ आकर राधा-कृष्ण के दर्शन करते हैं और कुछ समय आध्यात्मिक शांति में बिताते हैं।
नंदन पहाड़ (Nandan Pahar)
नंदन पहाड़ बैद्यनाथ मंदिर से लगभग 3 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित है। यहाँ भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान कार्तिकेय और गणेश जी के कई छोटे-छोटे मंदिर बने हुए हैं। धार्मिक महत्व के साथ-साथ यह स्थान प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ आने वाले श्रद्धालु मंदिरों के दर्शन करने के साथ शांत वातावरण और आसपास की प्रकृति का आनंद भी ले सकते हैं।
बाबा बैधनाथ घूमने का उत्तम समय-Best time to visit baidhnath temple
बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए आप वर्ष भर कभी भी जा सकते हैं। हालांकि, अक्टूबर से मार्च के बीच का समय यात्रा के लिए अधिक अनुकूल माना जाता है, क्योंकि इस दौरान देवघर का मौसम सुहावना और आरामदायक रहता है।
इसके अलावा महाशिवरात्रि, सावन, दिवाली और अन्य प्रमुख त्योहारों के दौरान भी यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इन अवसरों पर देवघर में विशेष पूजा–अर्चना के साथ–साथ विभिन्न मेलों का आयोजन भी किया जाता है, जिससे वातावरण और भी भक्तिमय हो जाता है।
बाबा बैधनाथ मंदिर के निकट धर्मशाला-Dharmshala near by Baba Baidhnath temple
गौरी आश्रम – यह धर्मशाला देवघर में स्थित है। देवघर बस स्टैंड से दूरी 1 किलोमीटर।
पार्वती कुटीर – यह धर्मशाला बाबा बैधनाथ मंदिर के निकट ही स्थित है। बाबा बैधनाथ मंदिर से दूरी 300 मीटर।
पुष्पांजलि भवन – यह धर्मशाला देवघर में स्थित है। देवघर बस स्टैंड से दूरी 2 किलोमीटर।
ज्ञान गंगा आश्रम – यह धर्मशाला बाबा बैधनाथ मंदिर के निकट स्थित है मात्रा 90 मीटर की दूरी पर।
कैसे पहुंचे बाबा बैधनाथ धाम-How to reach Baidhnath temple
फ्लाइट द्वारा – आप देवघर एयरपोर्ट पर उतर कर। वहां से आसानी से बाबा बैधनाथ पहुंच सकते है। देवघर एयरपोर्ट से दूरी 9 किलोमीटर
रेल द्वारा – देवघर रेलवे स्टेशन उतर कर आसानी से बाबा बैधनाथ पंहुचा जा सकता है। देवघर रेलवे स्टेशन से दूरी करीब 3 किलोमीटर
