चूरु जिले में स्थित सालासर धाम को हनुमान जी का प्रमुख स्थल माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में हनुमान भक्तों की भीड़ लगी रहती है। प्रत्येक मंगलवार, शनिवार और पूर्णिमा को दर्शनार्थी विशेष रूप से यहां दर्शन हेतु आते हैं। यह बालाजी महाराज का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जिसमें हनुमान जी को दाढ़ी और मूंछें भी है, जिन्हें बाजरे के चुरमा का भोग लगाया जाता है। यदि आप भी सालासर धाम आएं है, तो यहां पर स्थित बिश्नोई धर्मशाला की सारी जानकारी आपको इस पोस्ट में उपलब्ध हो जाएगी।
सालासर में बिश्नोई समाज के दानदाताओं के सहयोग से बनाई गई इस धर्मशाला में रूकने की अच्छी व्यवस्था के साथ यहां लंगर भी चलता हैं । धर्मशाला के भीतर मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है, यहां आपको पार्किंग के लिए भी बहुत सारी जगह उपलब्ध हो जाती है। यहां लगने वाले लंगर का समय सुबह 9 बजे से शाम के 11 बजे तक चलता रहता है, आपको भोजन यहां के भोजनक्षेत्र में हीं करना होता है, रूम में ले जाने की अनुमति नहीं होती हैं। धर्मशाला में कुल 15 रूम बने हुए हैं, जहां आपको एक्स्ट्रा बेड और कंबल की सुविधा उपलब्ध हो जाती है।
धर्मशाला में कुल दो फ्लोर है, जिसमें अंडरग्राउंड फ्लोर पर लंगर चलता हैं तथा ग्राउंड फ्लोर पर कमरें उपलब्ध होते हैं।सालासर बालाजी की सुबह आरती में सम्मिलित होने के लिए यह आपके लिए एक बहुत बेहतर जगह है। आपको ठहरने के लिए अपनी सारी जानकारी धर्मशाला के मुख्य काउंटर पर देनी आवश्यक होती है।
तो दोस्तों यदि आप अभी बालाजी महाराज के दर्शन करने सालासर धाम आए हैं, तो यहां पर स्थित बिश्नोई धर्मशाला में जरूर ठहरिएगा और हमें कमेंट करके बताइएगा कि यह पोस्ट आपको कैसी लगी।