Somnath Temple: जाने मंदिर का रोचक इतिहास, दर्शन के लिए कब जाए, कैसे जाए और कहाँ ढहरे
Piyush Kumar April 6, 2026 0Table of Contents
ToggleSomnath Mandir in Gujarat-गुजरात में स्थित सोमंथ मंदिर की सम्पूर्ण जानकारी
Somnath Temple भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र मंदिरों में से एक है, जो भगवान Shiva को समर्पित है। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला (आद्य ज्योतिर्लिंग) माना जाता है।
“सोमनाथ” का अर्थ है – “सोम (चन्द्रमा) के भगवान”। यहाँ “सोम” का संबंध Chandra (चन्द्र देव) से है, इसलिए सोमनाथ का अर्थ हुआ चन्द्रमा के स्वामी भगवान शिव
यह मंदिर Prabhas Patan में, Veraval के पास अरब सागर के तट पर स्थित है। सोमनाथ मंदिर का धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत अधिक है।
मान्यता के अनुसार, चन्द्र देव (सोम) ने इसी स्थान पर भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी, जिसके बाद भगवान शिव ने उन्हें श्राप से मुक्ति दिलाई। तभी से इस स्थान का नाम “सोमनाथ” पड़ा।
सोमनाथ मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह भारतीय इतिहास में कई बार पुनर्निर्माण के लिए भी प्रसिद्ध है। इसे कई आक्रमणों के बाद बार–बार पुनः स्थापित किया गया, जो इसकी अटूट श्रद्धा और महत्व को दर्शाता है।
सोमनाथ मंदिर : सर्वप्रथम ज्योतिर्लिंग
Somnath Temple गुजरात के Prabhas Patan में अरब सागर के तट पर स्थित एक अत्यंत पवित्र मंदिर है। यह भगवान Shiva को समर्पित है और 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक प्रमुख ज्योतिर्लिंग माना जाता है। मान्यता है कि यह भगवान शिव का प्रथम (आद्य) ज्योतिर्लिंग है।
“सोमनाथ” शब्द का अर्थ है – “सोम (चन्द्रमा) के भगवान”। यहाँ “सोम” का संबंध Chandra से है, इसलिए सोमनाथ का अर्थ हुआ चन्द्र देव के स्वामी भगवान शिव।
इस स्थान का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यहाँ Kapila River, Hiran River और पौराणिक Saraswati River का संगम माना जाता है। पुराणों के अनुसार, इसी संगम में स्नान करके चन्द्र देव ने अपनी खोई हुई चमक (तेज) पुनः प्राप्त की थी।
इसी कारण सोमनाथ मंदिर का धार्मिक महत्व अत्यंत अधिक है और यह श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
लोकेशन:
Somnath Mandir Rd, Somnath, Gujarat – 362268, India
सोमनाथ का इतिहास (Somnath temple history in hindi)
Somnath Temple का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली माना जाता है, जो हजारों वर्षों पुराना है।
पौराणिक मान्यताएँ
पुराणों के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण सबसे पहले Chandra (चंद्र देव) ने करवाया था और उसे सोने का बनवाया था। इसके बाद Surya (सूर्य देव) ने इसे चाँदी से बनवाया।
फिर Krishna भगवान ने इसका निर्माण लकड़ी से करवाया। अंत में सोलंकी राजाओं ने इस मंदिर को पत्थर से बनवाया, जो इसकी स्थायी संरचना बनी।
ऐतिहासिक तथ्य
इतिहास के अनुसार, सोमनाथ मंदिर पर कई बार आक्रमण हुए।
- लगभग 8वीं शताब्दी में Al-Junayd ने इस मंदिर को नुकसान पहुँचाया।
- 1024 ई. में Mahmud of Ghazni ने मंदिर पर हमला कर इसे लूटा और नष्ट किया।
- 1299 में Alauddin Khilji के शासनकाल में भी मंदिर को क्षति पहुँचाई गई।
- बाद में Aurangzeb के समय भी मंदिर को नष्ट किया गया।
कहा जाता है कि मंदिर को कई बार तोड़ा गया, लेकिन हर बार श्रद्धालुओं की आस्था के कारण इसका पुनर्निर्माण होता रहा।
आधुनिक पुनर्निर्माण
भारत की स्वतंत्रता के बाद, 1947 में Sardar Vallabhbhai Patel के प्रयासों से सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया गया। आज का भव्य मंदिर उसी पुनर्निर्माण का परिणाम है और श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक बना हुआ है।
इस प्रकार, सोमनाथ मंदिर का इतिहास आस्था, संघर्ष और पुनर्निर्माण की अद्भुत गाथा प्रस्तुत करता है।
मंदिर की वास्तु कला
Somnath Temple की समकालीन वास्तुकला चालुक्य शैली (Chalukyan Style) में निर्मित है, जो अपनी भव्यता और सूक्ष्म नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।
मंदिर का मुख्य शिखर लगभग 150 फीट ऊँचा है, जिसके शीर्ष पर लगभग 27 फीट ऊँचा ध्वज स्तंभ स्थित है। यह शिखर मंदिर की भव्यता और आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है।
मंदिर की दीवारों और स्तंभों पर की गई नक्काशी अत्यंत सुंदर और आकर्षक है, जो प्राचीन भारतीय शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। मंदिर में प्रवेश द्वार पर चाँदी के दरवाजे, सामने स्थापित Nandi की प्रतिमा और गर्भगृह में स्थित दिव्य शिवलिंग इसकी विशेष पहचान हैं।
मंदिर परिसर में एक महत्वपूर्ण स्तंभ भी स्थित है, जिसे बाणस्तंभ (Arrow Pillar) कहा जाता है। इस स्तंभ पर उल्लेख है कि सोमनाथ समुद्र तट से दक्षिण दिशा में अंटार्कटिका तक सीधी रेखा में कोई भूमि नहीं है, जो इस स्थान की भौगोलिक विशेषता को दर्शाता है।
इस प्रकार, सोमनाथ मंदिर की वास्तुकला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारतीय कला और विज्ञान का भी अद्भुत संगम है।
सोमनाथ मंदिर से जुड़े कुछ रोचक तत्व (Facts About Somnath Temple)
Somnath Temple से अनेक पौराणिक कथाएँ और मान्यताएँ जुड़ी हुई हैं, जो इस मंदिर के महत्व को और भी बढ़ाती हैं।
1. चंद्र देव और दक्ष का श्राप
एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, Chandra ने Daksha की 27 पुत्रियों से विवाह किया था। लेकिन चंद्र देव केवल एक पत्नी से अधिक प्रेम करते थे, जिससे अन्य पत्नियाँ दुखी रहने लगीं।
यह देखकर राजा दक्ष ने चंद्र देव को श्राप दिया कि वे धीरे–धीरे अपनी चमक (तेज) खो देंगे। श्राप से परेशान होकर चंद्र देव भगवान Shiva की शरण में गए। तब भगवान शिव ने उन्हें सोमनाथ के पवित्र संगम में स्नान करने का उपाय बताया। ऐसा करने से चंद्र देव को उनका तेज वापस मिल गया और उन्होंने आभार स्वरूप यहाँ शिव मंदिर का निर्माण करवाया।
2. शिवलिंग से जुड़ी मान्यता
एक लोकप्रिय मान्यता यह भी है कि यहाँ का शिवलिंग हवा में स्थित था। धार्मिक दृष्टि से इसे दिव्य शक्ति का चमत्कार माना जाता है। हालांकि, इसके समर्थन में कोई ऐतिहासिक या वैज्ञानिक प्रमाण स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं हैं—इसे आस्था से जुड़ी कथा के रूप में देखा जाता है।
3. मंदिर परिसर और श्रीकृष्ण से संबंध
सोमनाथ मंदिर का क्षेत्र विस्तृत है और आसपास कई छोटे–बड़े मंदिर स्थित हैं। यह स्थान Krishna से भी जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि पास के Bhalka Tirth में भगवान श्रीकृष्ण ने अपना देह त्याग किया था।
इन कथाओं और मान्यताओं के कारण सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और पौराणिक परंपराओं का संगम भी है।
सोमनाथ में भगवान् शिव के दर्शन के लिए उत्तम समय क्या है (Best time to visit somnath temple)
Somnath Temple के दर्शन के लिए आप पूरे वर्ष कभी भी जा सकते हैं, लेकिन कुछ विशेष अवसर ऐसे हैं जब यहाँ का महत्व और भी बढ़ जाता है।
आप सोमनाथ महादेव मेला के दौरान यहाँ जा सकते हैं, जो Kartik Purnima (नवंबर–दिसंबर) के समय आयोजित होता है। इस दौरान मंदिर में विशेष पूजा और भव्य आयोजन होते हैं।
इसके अलावा Maha Shivaratri, गोलोकधाम उत्सव और सोमनाथ स्थापना दिवस के अवसर पर भी यहाँ दर्शन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
इन पावन अवसरों पर मंदिर विशेष रूप से सजाया जाता है और पूरा वातावरण भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है। यही समय श्रद्धालुओं के लिए सबसे आकर्षक और शुभ माना जाता है।
दिन में किस समय मंदिर जाये (Somnath Mandir Aarti Time)
Somnath Temple में दर्शन और आरती का समय इस प्रकार है—
⏰ दर्शन समय
मंदिर सुबह 6:00 बजे से रात 9:00 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है।
🔔 आरती का समय
- सुबह आरती – 7:00 बजे
- दोपहर आरती – 12:00 बजे
- शाम आरती – 7:00 बजे
🎟️ अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
- मंदिर में प्रवेश निःशुल्क (Free Entry) है।
- शाम को साउंड एंड लेज़र शो आयोजित होता है, जो लगभग 8:00 बजे से 9:00 बजे तक चलता है।
- इस शो के लिए लगभग ₹25 शुल्क लिया जाता है।
🌐 ऑनलाइन जानकारी
यदि आप Somnath darshan online booking, registration, live darshan आदि की जानकारी चाहते हैं, तो कृपया Somnath Trust की आधिकारिक वेबसाइट (somnath.org) पर जाकर सही और नवीनतम जानकारी प्राप्त करें।
इस प्रकार, आप अपनी यात्रा को बेहतर तरीके से प्लान करके सोमनाथ मंदिर के दर्शन का पूर्ण लाभ उठा सकते हैं।
सोमनाथ मंदिर कैसे पहुंचे (How to reach Somnath Temple)
• हवाई जहाज द्वारा –
सोमनाथ मंदिर के सबसे निकट दीव एयरपोर्ट(Diu Airport) है। जो की सोमनाथ मंदिर से करीब 82 किलो मीटर दूर है। आप दीव एयरपोर्ट से बस या कैब के माध्यम से सोमनाथ मंदिर पहुंच सकते है।
• ट्रैन द्वारा –
सोमनाथ मंदिर का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन वेरावल रेलवे स्टेशन(Veraval Junction) है जो की मंदिर से 6.9 Km की दूरी पर है। वेरावल रेलवे स्टेशन से आप मंदिर जाने के लिए बस या कैब ले सकते है।
• बस द्वारा –
सोमनाथ मंदिर का सबसे नजदीकी बस स्टैंड सोमनाथ बस स्टैंड है जो की मंदिर से 550 मीटर की दूरी पर है। आप यहाँ से आसानी से पैदल चल कर मंदिर पहुंच सकते है।
समकालीन समय से मंदिर की व्यवस्था और संचालन का कार्य सोमनाथ ट्रस्ट के अधीन है। सरकार ने ट्रस्ट को जमीन, बाग़ बगीचे देकर आय का प्रबंध किया है। यह तीर्थस्थान पितृगणों के श्राद्ध, नारायण बलि आदि कार्यो के लिए बहुत प्रसिद्ध है। चैत्र, भद्रपद, कार्तिक माह में यहाँ श्राद्ध करने का विशेष महत्व है।
यहाँ की ऐसी मान्यता है की भगवान् शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्रा से लोगो के कष्ट दूर हो जाते है। सोमनाथ भगवान् की पूजा से भक्तो का कोढ़ व् अन्य रोग भी ठीक हो जाते है। इसलिए इस स्थान का बहुत अधिक महत्व है। यहाँ हर वर्ष देश विदेश से अनेक श्रद्धालु आते है
FAQs-
Q: Hotel in somnath near mandir
Ans: सोमनाथ मंदिर के पास बहुत से अच्छे होटल है जहां आप ढहर सकते है। आप खुद आसपास के होटलो में जानकारी ले सकते है या ऑनलाइन चेक कर सकते है जैसे, booking.com, makemytrip, oyo, आदि पर।
Q: Dwarkadhish mandir gujarat
Ans: द्वारकाधीश मंदिर(dwarkadhish mandir) द्वारका गुजरात में स्थित है इसे जगत मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह एक हिन्दू मंदिर है जो भगवान श्री कृष्णा को समर्पित है।
Q: Ahmedabad to somnath mandir distance
Ans: अहमदाबाद से मंदिर के बीच की दुरी 4Km है।
Q: Somnath to dwarka distance
Ans: मंदिर से द्वारका के बीच की दुरी 237Km है।
Q: Somnath dharamshala
Ans: सोमनाथ में कई सारे अच्छे धर्मशाला है जिनके नाम है – Hotel Dev Inn, Hotel Triveni darshan, Hotel Shivaay, Hotel Sukhnath, Hotel Shree Rudraksh इत्यादि।
Somnath dharamshala online booking करने के लिए आप इस वेबसाइट से कर सकते है https://yatradham.org/
Q: Places to visit in Somnath
Ans: आराम करने के लिए समुद्री तट एक अच्छा जगह है सोमनाथ में। यहाँ आप कई चीजों का लुफ्त उठा सकते है जैसे- सोमनाथ लाइट एंड साउंड शो जिसे जय सोमनाथ भी कहते है ये रात को 8बजे होता है। सोमनाथ में घूमने के लिए कुछ स्थान हैं – त्रिवेणी संगम, सोमनाथ और पंच पांडव गुफा। सोमनाथ में आकर्षक स्थानों की यात्रा के लिए सोमनाथ दर्शनीय स्थलों की बस से भी जाया जा सकता है।
Q: Somnath trust
Ans: सोमनाथ ट्रस्ट की ऑफिसियल वेबसाइट है https://somnath.org/ यहाँ से आप जो जानकारी चाहते है प्राप्त कर सकते है।
Q: Shree Somnath jyotirlinga temple
Ans: Shree Somnath jyotirlinga temple, जिसे देव पाटन भी कहा जाता है, भारत के गुजरात में वेरावल के प्रभास पाटन में स्थित एक प्राचीन हिंदू मंदिर है। यह हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है और भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से पहला माना जाता है।
Q: How many days are enough for Somnath?
Ans: सोमनाथ में आप इन स्थानों को घूम सकते है अहिल्या बाई का मन्दिर, प्राची त्रिवेदी, वाड़ातीर्थ, यादवस्थली। ऐसे में 2-3 दिन सोमनाथ घूमने के लिए काफी है।
Q: Somnath tour and travels
Ans: Somnath tour and travels की जानकारी आप google my business पर सर्च करके प्राप्त कर सकते है या Just Dial, India Mart से भी जानकरी मिल जाएगी.
Q: Resort near Shree Somnath
Ans: सोमनाथ में बहुत से खूबसूरत एवं आलिशान रिसोर्ट है जैसे – Woods At Sasan, Daksh Resort And Amusement Park, Carina Retreat Resort, Hotel Anil Farmhouse, Amidhara Resort, Lion Park Hotel and Resort.
Q: Diu airport to somnath temple distance
Ans: Diu airport to somnath temple distance is 82Km
Q: Ahmedabad airport to somnath temple distance
Ans: Ahmedabad airport to Somnath temple distance is 410Km
