सहारनपुर अपनी लकड़ियों की नक्काशी और कपड़ों के थोक बाजार के लिए पूरे देश में जाना जाता है। यहां पर शाकुंभरी देवी, बाला सुंदरी शक्तिपीठ, घुग्घल वीर, गांधी पार्क आदि यहां के प्रसिद्ध स्थलों में शामिल है। लकड़ी से कलाकारी के क्षेत्र में यहां के कारीगरों का बहुत नाम चलता है। अगर आप भी सहारनपुर में कोई धर्मशाला ढूंढ रहे हैं, तो यह पोस्ट आपको यहां की अग्रवाल धर्मशाला के बारे में सारी जानकारी प्रदान करती है.
लाल रंग के पत्थरों और ईटों से निर्मित इस धर्मशाला की वास्तुकला देखने लायक है। धर्मशाला का परिसर बहुत विशाल क्षेत्र में फैले होने के साथ यात्रियों को यहां ठहरने के लिए कमरों की सुविधाएं मिल जाती है। इस धर्मशाला में सभी प्रकार के हिंदू धर्म के लोगों का ही प्रवेश दिया जाता है। धर्मशाला का मुख्य परिसर विशाल होने से यहां शादी के फंक्शन आसानी से आयोजित किए जा सकते हैं। इस धर्मशाला की स्थापना सन् 2000 में होने के साथ यहां सारे भागों के अलग-अलग नाम और अलग-अलग कार्य क्षेत्र निर्धारित हैं, जैसे यात्रियों के ठहरने के लिए अलग क्षेत्र, भोजन के लिए अलग,पार्टी या फंक्शन के लिए क्षेत्र, वीआईपी के लिए अलग क्षेत्र बनाए हुए हैं।
चारों ओर से अलग-अलग कक्षों से घिरी होने के साथ धर्मशाला के बीचों-बीच महाराजा अग्रसेन जी का मंदिर भी बना हुआ है, जिसमें वीर शिरोमणि अग्रसेन जी की मूर्ति विराजित हैं। यहां पर आपको कमरों की बुकिंग के लिए काउंटर होने के साथ आप कार्ड या मोबाइल बैंकिंग से भी पेमेंट कर सकते हैं। इस धर्मशाला का अधिकतर उपयोग शादी फंक्शन के लिए ज्यादा किया जाता है। यहां पर भोजन के लिए आपको पास ही अच्छे होटल्स और ढाबे मिल जाते हैं, जहां कुछ पैसों में आपको शुद्ध शाकाहारी भोजन भी मिल जाता है। धर्मशाला में आप की सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी गार्डों की तैनाती भी की जाती है, तो आप बेझिझक आराम से यहां ठहर सकते हैं। किफायती बजट में आपको यहां सारी सुविधाएं मिल जाती हैं।
(वैश्य अग्रवाल धर्मशाला, गौशाला रोड़ के पास, खुमरन पुल, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश, 247001.)
तो दोस्तों यदि आप भी सहारनपुर में धर्मशाला के लिए भटक रहे हैं, तो हमारी बताई अग्रवाल धर्मशाला में जरूर ठहरना और हमें कमेंट करके बताना कि हमारी पोस्ट कैसी लगी आपको।