राधा कुशल बिहारी मंदिर अपनी किले जैसी भव्य संरचना के लिए जाना जाता है। इसका निर्माण जयपुर के महाराजा माधो सिंह राव द्वारा कराया गया था, जो इसे ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से विशेष बनाता है।
दान बिहारी मंदिर लगभग 800 वर्ष पुराना माना जाता है और अपनी प्राचीनता के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यह मंदिर उस स्थान पर स्थित है, जहाँ भगवान श्री कृष्ण ने अपने भक्त की आवश्यकता पूरी करने के लिए राधा रानी के भार के बराबर धन प्रदान किया था।
5- श्री राधा दामोदर मंदिर ( Shree Radha Damodar Temple )
श्री राधा दामोदर मंदिर, श्री श्री राधा दामोदर जी को समर्पित एक प्राचीन और पूजनीय मंदिर है। इसका निर्माण लगभग 1542 ईस्वी में श्रील जीवा गोस्वामी जी द्वारा कराया गया था, जो इसे ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है।
मोर कुटीर मंदिर बरसाना के प्राचीन मंदिरों में से एक है, जो अपनी खास पहचान के लिए जाना जाता है। यह मंदिर लाल ईंटों से निर्मित है और यहाँ भगवान श्री कृष्ण की मोर रूप में नृत्य करती हुई प्रतिमा स्थापित है। मान्यता है कि इसी स्थान पर भगवान श्री कृष्ण और मोर के बीच नृत्य प्रतियोगिता हुई थी, जिससे इस मंदिर का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
बरसाना में कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजन मिलते हैं, लेकिन यहाँ की लस्सी सबसे अधिक प्रसिद्ध है। गाढ़ी, मलाईदार और ताज़गी से भरपूर यह लस्सी स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं दोनों की पसंदीदा होती है। बरसाना आने पर इसका स्वाद जरूर लेना चाहिए।