प्रयागराज एक ऐसा स्थान है जहां प्रति बारह वर्ष में कुंभ मेले का आयोजन होता है। यहां तीन नदियों गंगा, यमुना और सरस्वती नदी का संगम हैं, जिसे त्रिवेणी संगम कहा जाता है। इलाहबाद को हीं अब प्रयागराज के नाम से जाना जाता है, जिसका अर्थ होता है प्रयाग में प्रवेश मात्र से ही सारे पापों का नाश हो जाता हैं। यदि आप भी प्रयागराज आएं है तो यहां स्थित मारवाड़ी समाज की धर्मशाला के बारे में सारी जानकारी आपको इस पोस्ट में उपलब्ध हो जाएगी।
मारवाड़ी धर्मशाला प्रयागराज
प्रयागराज मारवाड़ियों को कुछ अपना-अपना सा लगता है। जब भी आप प्रयागराज रेलवे जंक्शन पर उतरते हैं, तो वहां से आपको ई रिक्शा और ऑटो से ₹20 में आप मारवाड़ी धर्मशाला पहुंच सकते हैं, यहां पर आपको ठहरने की उत्तम सुविधा के साथ पूरी धर्मशाला कम कीमत में आपको स्वच्छ कमरे उपलब्ध कराती है। धर्मशाला में जब आप इन्ट्री करते हैं तो इसके लेफ्ट साइड में रिसेप्शन काउंटर होता है, जहां पर आपको अपना मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की डिटेल्स बतानी होती हैं। यदि आपने पहले से ही यहां पर बुकिंग करा रखी है, तो आपको बुकिंग नंबर बताना होता है। धर्मशाला के लेफ्ट साइड में हीं लिफ्ट भी लगी होने के साथ, सीसीटीवी कंट्रोल रूम भी बना हुआ हैं। धर्मशाला के राइट साइड आपको ऊपर जाने के लिए सीढ़ी बनी हुई है, जिसमें आपके ठहरने के सारे कक्ष ऊपर हीं स्थित है।
यह धर्मशाला तीन मंजिला होने के साथ ग्राउंड फ्लोर में आपको एक बड़ा सा हाॅल दिख जाता हैं। पहले फ्लोर पर स्पेस अच्छा होने से आपके बैठने के लिए कुर्सियां भी लगी हुई है, इस वाले फ्लोर पर आपको पाँच काॅमन लेट-बाॅथ की सुविधा मिल जाएगी। इस धर्मशाला में भोजन के लिए एक बड़ा डाइनिंग हॉल बना हुआ है। यहां पर बड़े वाले एसी रूम में 5 बेड लगे हुए हैं, साथ ही आपके बैठने के लिए टेबल भी लगी हुई है। इस धर्मशाला का कोई भी नंबर उपलब्ध नहीं होने से आपको धर्मशाला में बुकिंग हेतु रिसेप्शन पर हीं सम्पर्क करना होगा। इस धर्मशाला में अधिकांश लोग इसलिए ठहरते हैं, यहां से त्रिवेणी संगम बहुत ही पास पड़ता है।
(मारवाड़ी अग्रवाल धर्मशाला, रामबाग, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश, 211003)
तो दोस्तों यदि आप भी प्रयागराज आएं हैं, तो यहां पर स्थित मारवाड़ी समाज की धर्मशाला में जरूर ठहरिएगा और हमें कमेंट करके बताइएगा कि यह पोस्ट आपको कैसी लगी।