आर के लक्ष्मण भारत के प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट, इलस्ट्रेटर, हास्य कार और चित्रकार थे। इनका पूरा नाम रासीपुरम कृष्णस्वामी अय्यर लक्ष्मण था। वे सबसे ज्यादा प्रसिद्ध दी कॉमन मैन चरित्र के लिए हुए थे, अपने करियर की शुरुआत राजनीतिक कार्टूनिस्ट के रूप में की थी। इन्होंने अपने जीवन में कई उपन्यास भी लिखे हैं उन्हीं उपन्यासों के कुछ फेमस कथन हमने आपके साथ यहां शेयर किया है।
Top quotes of RK Laxman
हर बच्चे को वास्तविकता कल्पना से अधिक बेहतरीन लगती है।
भारत देश का आम नागरिक हवा प्रकाश भोजन और आश्रय के बिना भी जीवित रह सकता है।
दुनिया में नए विचारों को खोजना कभी ना खत्म होने वाली प्रक्रिया है।
मुझे ध्यान नहीं कि मैंने कभी कला करने के अलावा और कुछ चाहा है।
मेरी हर एक ड्राइंग मुझे बेहद पसंद हैं।
सच बताऊं तो हमारी राजनीति इतना ज्यादा दुखद है कि यदि मैं एक कार्टूनिस्ट नहीं होता तो आत्महत्या कर चुका होता।
मैं अपने देश के नेताओं का बहुत ही आभारी हूं उन्होंने हमारे देश का ही नहीं बल्कि मेरा भी ध्यान रखा है।
मुझे ऐसा लगता है कि जब हमारे देश के शक्तिशाली नेताओं को उटपटांग और मजाकिया तरीके से पेश किया जाता है तो लोगों को बेहद मजा आता है।
मेरे लिए यह बताना असंभव है कि कार्टूनिस्ट कैसे बने, कार्टूनिस्ट बनने के लिए उपहार के साथ जन्म लेना होता है, जैसे आप किसी को यह नहीं बता सकते कि गाना कैसे गायें।
मैं यह भूल नहीं पाया कि तुम रंगीन कांच के चंद टुकड़ों के जरिए दुनिया देख सकते हो।
कार्टूनिंग उपहास और अपमान करने की कला है।
आमतौर पर लोग अपने आसपास की चीजों को बेहद हल्के में लेते हैं जैसे उन्हें अपने आसपास कुछ नजर ही ना आता हो।
मेरी स्केच पेन कोई तलवार नहीं बल्कि मेरी मित्र है।
कला और कार्टून के लिए भारत समान कुछ भी नहीं है।
जब व्यक्ति बड़ा होता है, तब वह एहसास करता है कि स्वार्थी होना बुरा है और तभी वे दयालु बनता है। लेकिन फिर भी लोग यह बातें नहीं सीख पाते अन्यथा लड़ाई झगड़े क्यों ही होते।
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